『21 Para SF के ऑपरेशन, जम्मू-कश्मीर का आतंकवाद और जंग में कैसे काम आते हैं स्नाइपर?: Crime Branch』のカバーアート

21 Para SF के ऑपरेशन, जम्मू-कश्मीर का आतंकवाद और जंग में कैसे काम आते हैं स्नाइपर?: Crime Branch

21 Para SF के ऑपरेशन, जम्मू-कश्मीर का आतंकवाद और जंग में कैसे काम आते हैं स्नाइपर?: Crime Branch

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概要

फिल्मों में आपने अक्सर देखा होगा - किसी ऊंची इमारत की छत पर, किसी वीरान पहाड़ी पर या बर्फ़ से ढकी चोटी के बीच लेटा एक सैनिक. हवा की हल्की सरसराहट, सांसें लगभग थमी हुईं, और आँखें दूरबीन के लेंस में गड़ी हुईं. हाथ में राइफ़ल और सामने कई सौ मीटर दूर एक छोटा सा टारगेट. एक स्नाइपर, जंग का वो सिपाही जो अक्सर दिखाई नहीं देता, लेकिन जिसका एक निशाना पूरी लड़ाई का रुख बदल सकता है. ऐसे ही एक “इनविज़िबल वॉरियर” हैं हवलदार नंद किशोर, जो Indian Army की एलीट यूनिट 21 Para (Special Forces) के स्नाइपर रहे. ‘क्राइम ब्रांच’ के इस एपिसोड में वो बताते हैं कि किसी युद्ध या ऑपरेशन में एक स्नाइपर की असली अहमियत क्या होती है? साथ ही ये भी जानेंगे कि जम्मू कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट में चलने वाले काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशनों में स्नाइपर की क्या भूमिका होती है? आनंद लीजिए पूरे एपिसोड का अरविंद ओझा के साथ.

प्रड्यूसर: माज़ सिद्दीक़ी
साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती
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