• Don't reduce size of the dream, increase the effort
    2026/03/22
    आज 9 मार्च है। मिड-सेमेस्टर के बाद की छुट्टियाँ खत्म हो चुकी हैं और आज से फिर क्लास शुरू होने वाली है। और अगर मैं अपनी ज़िंदगी के इस पल को देखूँ, तो मैं अपनी B.Tech journey केआठवेंसेमेस्टरकेबिल्कुलआख़िरीस्टेजपरखड़ाहूँ।आज सुबह जब मैं उठा, तो मेरे मन में एक अजीब सा विचार आया। कभी-कभी ऐसा होता है ना कि जब आप अपने सपनों को पूरा करने की तरफ बढ़ रहे होते हो, उस बीच के जो ड्युरेशन होता है… उसी में अचानक एक डाउट आ जाता है।मेरे मन में भी वही सवाल आया — क्यामैंजोसपनेदेखरहाहूँ, वोसचमेंपूरेहोसकतेहैं? या फिर मैं बस बड़े-बड़े सपने देख रहा हूँ और असल में कुछ कर नहीं पा रहा हूँ?मैं आपको बता दूँ कि 2026 केलिएमेरेआठबड़ेसपनेहैं। और उनमें से पाँचऐसेसपनेहैंजिन्हेंमैंअपनेकॉलेजलाइफखत्महोनेसेपहलेपूराकरनाचाहताहूँ।लेकिन आज सुबह जब मैं सोच रहा था, तो मुझे ये भी याद आया कि सपनों के साथ-साथ कुछ formalities भी हैं जिन्हें पूरा करना ज़रूरी है। मुझे दोBTPs करने हैं। मुझे academics परध्यानदेनाहै।तो मेरे मन में एक पल के लिए ये सवाल आया — क्यामैंअपनेइतनेबड़े-बड़ेसपनोंकेनीचेखुदकोमैनेजनहींकरपारहाहूँ?क्योंकि सच तो यह है कि डाउटउसीसमयआताहैजबहमबड़ेसपनेतोदेखलेतेहैं, लेकिनउनपरएक्शननहींलेपाते।फिर मैंने सोचा… इसका सॉल्यूशन क्या है?और मुझे एक बहुत सिंपल सा जवाब मिला।चाहेमेरेसपनेकितनेभीबड़ेहों, मैंअपनेसपनोंकादायराछोटानहींकरूँगा।हाँ, हो सकता है कि अभी इन पाँचों सपनों पर मैं एक साथ काम नहीं कर पा रहा हूँ। लेकिन साथ-साथ मुझे अपनी academic formalities भी पूरी करनी हैं, और मैं उन्हें भी अपनी daily life में शामिल करूँगा।मैं कोशिश करूँगा कि हर दिन थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ूँ। छोटे-छोटे स्टेप्स लूँ।क्योंकि हमारे महाकाव्य महाभारत में भी भगवान कृष्ण ने कहा है —“कर्मण्येवाधिकारस्तेमाफलेषुकदाचन।”मतलब — हमारा अधिकार सिर्फ कर्मपरहै, फल पर नहीं।हमें अपना काम करते रहना चाहिए। अगर हम वो काम कर रहे हैं जो सफलता के लिए ज़रूरी है, तो result eventually हमारेfavor मेंहीआएगा।तो आज सुबह मैं सोच रहा था — क्या मुझे अपने सपनों को छोड़ देना चाहिए? क्या मुझे उनकी intensity कम कर देनी चाहिए?और मेरा जवाब है — नहीं।सपनोंकादायराकभीछोटामतकरो।अगर कुछ करना है, तो अपनीintensity बढ़ाओ। अपने आपको मैनेज करो। अपना time manage करो ...
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    5 分
  • Go For Consistency instead of Motivation
    2026/03/08
    मैं एक चीज़ के बारे में सोच रहा था।हम लोग जब सोशल मीडिया पर किसी को देखते हैं — लोगों का जो consistency, लोगों का जो childhood से training देखते हैं — तो हम लोग बहुत motivate हो जाते हैं। लेकिन वही motivation हम लोग ज़्यादा दिन तक carry on क्यों नहीं कर पाते?The simple reason is that the person whom we have seen in social media, they have done it for a longer and longer period of time. और हम लोग चाहते हैं कि उससे कुछ तीन दिनों में achieve कर लें.नहीं होगा।तो instead of going for the motivation like this, we have to think about our life. अपने ही अंदर हमें उस motivation की ज्वाला को ढूँढना होगा।जैसे कि अभी मैं Bethell के बारे में जान रहा था। क्योंकि last time जब मैं India और New Zealand का match देख रहा था, तो उसमें India का बहुत ही अच्छा score खड़ा हो चुका था। लेकिन उसमें एक opponent player था — Bethell — जो कि एक सौ run पार कर चुका था और अभी भी batting कर रहा था।और 104 run पर वो run out हो गया।The time he got run out, people gave him a standing ovation. And it was really a memorable moment.सारी दुनिया एक तरफ India के final में जाने की खुशी मना रही थी, लेकिन साथ-साथ उसके जो धैर्य, उसका जो calmness, उस tough condition में खेलने का जो स्वभाव था — उसकी भी पूरी दुनिया तारीफ कर रही थी।तो हम लोग ये सीख सकते हैं कि उसने जो patience और calmness उस tough situation में दिखाया — वो एक दिन की मेहनत नहीं था।वो उसके बचपन की मेहनत था, वो उसके parenting का कारण था।तो हम लोग सिर्फ ये सीख सकते हैं कि हमें अपने life को किस direction में ले जाना है।और अगर direction clear है, तो हमें अपना routine उसी हिसाब से बनाना होगा।जैसे कि मैं आठ बड़े सपने लेकर चल रहा हूँ 2026 में।पहला — कि 42.197 kilometer की run लेना। दूसरा — कि मैं CDS exam qualify करूँ और SSB में recommended हो जाऊँ। तीसरा — कि मैं 15 plus startups launch करूँ। चौथा — कि मैं पूरे world का best वक्ता बनूँ। पाँचवाँ — कि मैं एक करोड़ रुपये दो महीने से पहले कमा लूँ। छठा — 25 May 2026 को मैं UPSC Civil Services Examination और Indian Forest Service Examination दूँगा और उसे qualify करूँगा। सातवाँ — कि मैं CAT में 100 percentile लाऊँ। और आठवाँ — कि मैं 2026 खत्म होने से पहले छह करोड़ रुपये बना लूँ।यह तो मेरे dreams हो गए।अब सवाल ये है कि मैं अपने daily routine में इसे कैसे implement करूँ, ताकि मैं अपने सपनों को साकार कर पाऊँ।सबसे पहले मुझे around 4:30 AM जगना होगा।और अगर 4:30 पर जगना है, तो मुझे एक proper sleep routine follow करना होगा।सोने से पहले 11:30 के करीब मुझे cold shower लेना चाहिए, उसके बाद meditation करना चाहिए, और अपना diary writing करके 12 बजे तक सो जाना चाहिए, ताकि मैं 4:30 पर जग पाऊँ।4:30 बजे जगकर मैं पूरी तरह fresh हो जाऊँगा और 5 बजे running के लिए निकल जाऊँगा।मुझे running ...
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    6 分
  • Friend like Vishal is Blessing
    2026/03/08

    आज का दिन थोड़ा खास रहा…
    और आज फिर एक चीज महसूस हुई—कि कुछ लोग सच में बहुत अच्छे होते हैं।

    उनकी अच्छाई उनकी परवरिश से दिखती है।
    उनके व्यवहार में, उनके विचारों में, और जिस तरह वो लोगों को ट्रीट करते हैं।

    मेरा दोस्त विशाल भी उन्हीं लोगों में से एक है।

    पिछले दो दिनों में उसके घर पर जो स्वागत हमें मिला…
    वो सच में बहुत यादगार रहेगा।

    छह तारीख की सुबह हमारा ट्रेन था—सुबह साढ़े पाँच बजे।

    हम स्टेशन के लिए निकले…
    लेकिन थोड़ा लेट हो चुके थे।

    जब गेट के बाहर आए…
    तो एक भी ऑटो-रिक्शा नहीं मिला।

    उस समय लगा कि शायद आज ट्रेन मिस हो जाएगी।

    हम पहले तेज चलने लगे…
    लेकिन जब टाइम देखा तो समझ आया कि अगर ऐसे ही चलते रहे… तो ट्रेन नहीं मिलेगी।

    फिर हमने फैसला किया—

    दौड़ना पड़ेगा।

    मैं बार-बार घड़ी देख रहा था…
    मन में बस यही चल रहा था—

    अगर तीन मिनट हैं…
    तो कम से कम दो मिनट पूरी ताकत से दौड़ना ही होगा।

    और हम दौड़ते रहे…

    किसी तरह वो दूरी तय की…
    और आखिरकार स्टेशन पहुँच गए।

    और सबसे दिलचस्प बात यह थी कि—

    हम ट्रेन के आने से पहले पहुँच गए।
    और लगभग एक मिनट बाद ट्रेन आ गई।

    हम ट्रेन में बैठे…
    और उस समय जो राहत मिली… वो शब्दों में बताना मुश्किल है।

    कानपुर पहुँचने से पहले हम एक प्लान बना रहे थे।

    हम सोच रहे थे कि विशाल को बोलेंगे—
    कि हमारी ट्रेन मिस हो गई।

    एक छोटा सा सरप्राइज देना चाहते थे।

    लेकिन…

    निश्चित ने विशाल को मैसेज कर दिया।
    और उसने सब बता दिया।

    तो हमारा सरप्राइज…
    सरप्राइज नहीं रहा।

    जब हम पहुँचे…
    तो विशाल पहले से ही वहाँ हमारा इंतज़ार कर रहा था।

    वह हमें अपने घर ले गया…
    हम लोग फ्रेश हुए…
    और फिर ब्रेकफास्ट किया।

    और सच में…
    जो हॉस्पिटैलिटी हमें वहाँ मिली…
    वो बहुत ही सराहनीय थी।

    जो दो दिन हमने वहाँ बिताए…
    वो बहुत ही खूबसूरत याद बन गए।

    अब मैं वापस अपने कॉलेज के रूम में हूँ।

    और बस यही सोच रहा हूँ—

    ज़िंदगी में अच्छे लोग मिलना…
    सच में एक ब्लेसिंग है।

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    3 分
  • Congratulations Shubham Bhaiya
    2026/03/08

    कल मुझे एक खबर मिली।
    असल में कल UPSC CSE का रिजल्ट आया था।

    सच कहूँ तो हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था, क्योंकि हम उस एग्जाम की तैयारी नहीं कर रहे थे।
    हमने यह जानने की कोशिश भी नहीं की कि आज रिजल्ट आने वाला है।

    लेकिन फिर…
    जब मैंने अपना सोशल मीडिया खोला—WhatsApp और Instagram—तो दोस्तों के स्टेटस दिखने लगे।

    सब लोग एक ही बात लिख रहे थे—

    “Congratulations Shubham Bhaiya.
    Your hard work and dedication paid off.
    We are really proud of you.
    AIR 643.”

    जैसे ही मैंने यह पढ़ा…
    मैं सच में खुशी से उछल पड़ा।

    क्योंकि उस इंसान को हम बहुत करीब से जानते हैं।

    लगभग सात सालों से हम उस पर्सनैलिटी को देख रहे हैं…
    उनकी मेहनत, उनका डिसिप्लिन, उनका फोकस।

    और कहीं न कहीं हमें पहले से ही लगता था कि यह इंसान इतिहास में अपनी एक जगह जरूर बनाएगा।

    और उसने कर दिखाया।

    अक्सर हम किसी को देखकर बोल देते हैं—
    “यह आगे चलकर बहुत बड़ा कुछ करेगा।”

    लेकिन उस एक लाइन और उस हकीकत के बीच…
    बहुत बड़ा फासला होता है।

    लोग उस एक वाक्य को बोल देते हैं,
    लेकिन उस वाक्य को सच करने के पीछे कई सालों की मेहनत होती है।

    कई सालों तक अपने ऊपर भरोसा बनाए रखना पड़ता है।

    उस रास्ते में बहुत सारे संघर्ष होते हैं।
    बहुत सारी असफलताएँ होती हैं।
    कई बार हार मान लेने का मन भी करता है।

    लेकिन वही लोग आगे बढ़ते हैं…
    जिनका हौसला, जिनका जज़्बा और जिनका संकल्प टूटता नहीं है।

    क्योंकि सच यही है—

    Expectation और Reality के बीच जो दूरी होती है…
    वह बहुत बड़ी होती है।

    और उस दूरी को सिर्फ वही व्यक्ति पार करता है…
    जो उस सपने को सच करना चाहता है।

    मैंने भी बड़े सपने देखे हैं…
    और आज भी देख रहा हूँ।

    और मैं यह भी जानता हूँ कि
    Expectation और Reality के बीच का जो रास्ता है…

    उसे मुझे खुद तय करना होगा।

    जिस तरह शुभम भैया ने यह मुकाम हासिल किया…

    एक दिन…
    मैं भी अपने सपनों को सच करूँगा।

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    3 分
  • The Art of Storytelling and Documenting Life
    2026/03/08

    Storytelling और documenting life — ये दोनों चीज़ें अलग नहीं हैं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

    जब हम storytelling की बात करते हैं, तो अक्सर लगता है कि यह सिर्फ writers, filmmakers या speakers का काम है। लेकिन सच में, हर इंसान अपनी ज़िंदगी की एक कहानी जी रहा होता है। फर्क बस इतना है कि कुछ लोग उस कहानी को जीते हैं, और कुछ लोग उसे समझकर, महसूस करके, और रिकॉर्ड करके जीते हैं।

    यहीं से शुरू होता है — documenting life

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    3 分
  • Beyond Placement: The Final Semester Diaries
    2026/03/08

    यह कहानी है एक फाइनल ईयर स्टूडेंट की, जो अपने कॉलेज के आख़िरी दिनों को रिकॉर्ड कर रहा है — ताकि जब वो भविष्य में पीछे मुड़कर देखे, तो उसे याद रहे कि सपने कहाँ से शुरू हुए थे।

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    4 分